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लखनऊ में नए सर्किल रेट लागू: जानिए किस इलाके में कितनी बढ़ी जमीन की कीमतें

📅 01 अगस्त 2025 | 🖊️ By Admin

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करीब 10 वर्षों बाद बड़ा बदलाव किया गया है। 1 अगस्त 2025 से लखनऊ में नए डीएम सर्किल रेट लागू हो गए हैं, जिससे जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री महंगी हो गई है। यह कदम तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो, आउटर रिंग रोड, एक्सप्रेसवे और रियल एस्टेट एक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

🔍 सर्किल रेट क्या है?

सर्किल रेट वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर किसी संपत्ति की सरकारी रजिस्ट्री होती है। यह मूल्य सरकार तय करती है और बाजार दर से अलग हो सकता है, लेकिन रजिस्ट्रेशन इसी रेट पर होता है।

📈 मुख्य बदलाव और विशेषताएं

  • 10 साल बाद जिले में नया डीएम सर्किल रेट लागू हुआ।
  • 2015 के बाद से लखनऊ में काफी बदलाव हुए – पहले जहां आवासीय कॉलोनियाँ थीं, वहां अब वाणिज्यिक गतिविधियाँ हो रही हैं।
  • इस बार का रिवीजन इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास योजनाओं को देखकर किया गया।
  • 49 क्षेत्रों में नई दरें निर्धारित की गई हैं।

🏘️ कहाँ-कहाँ कितनी बढ़ोतरी हुई?

प्रमुख कॉलोनियों में नई दरें (₹/वर्ग मीटर):

क्षेत्र पुरानी दरें नई दरें
अंसल ₹35,000 ₹50,000
गोमती नगर ₹33,000 ₹77,000
अलीगंज ₹28,000 ₹54,000
जानकीपुरम ₹35,500 ₹54,000
इंदिरा नगर ₹35,000 ₹62,000
महानगर ₹41,000 ₹65,000
शालीमार वन वर्ल्ड ₹35,000 ₹50,000
एल्डिको सिटी ₹20,000 ₹26,000
सुशांत गोल्फ सिटी ₹20,500 ₹28,000
अंतर्जनपदीय योजनाएँ ₹15,000 - ₹20,000 ₹25,000 - ₹30,000

प्रमुख सड़कों के किनारे जमीन की नई दरें (₹/वर्ग मीटर):

सड़क मार्ग पुरानी सर्किल रेट नई सर्किल रेट
फैजाबाद रोड ₹33,000 ₹66,000
कानपुर रोड ₹15,000 ₹55,000
किसान पथ, आउटर रिंग रोड ₹15,000 ₹20,000
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ₹6,000 ₹10,000
लखनऊ – रायबरेली रोड ₹18,000 ₹55,000
अमरावती / एल्डिको / हरिद्वार ₹20,000 ₹37,000

🌇 विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले क्षेत्रों में विशेष वृद्धि

  • गोमती नगर विस्तार थाना – CIMS स्कूल तक: ₹55,000/वर्ग मीटर
  • विभूतिखंड पुलिस चौकी से हयात रिजेंसी तक: ₹70,000/वर्ग मीटर
  • नवीन चौराहा से काकोरी मोड़ तक: ₹11,000/वर्ग मीटर

📊 परिणाम और प्रभाव

  • राजस्व में वृद्धि: सरकार को अधिक रजिस्ट्रेशन शुल्क मिलेगा जिससे विकास योजनाओं में धन लग सकेगा।
  • रियल एस्टेट पारदर्शिता: सर्किल रेट और बाजार दर में अंतर कम होने से खरीदारों और विक्रेताओं को स्पष्टता मिलेगी।
  • बैंक लोन में लाभ: बैंक भी लोन मंजूरी के लिए सर्किल रेट को आधार मानते हैं, जिससे लोन अमाउंट अधिक मिल सकता है।

📣 जनता और विशेषज्ञों की राय

रियल एस्टेट एजेंट्स का मानना है कि शुरुआत में प्रॉपर्टी मार्केट में थोड़ी सुस्ती आ सकती है, लेकिन इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लॉन्ग टर्म में बाजार को मजबूती मिलेगी।

🧾 सरकार की अन्य सुविधाएँ

  • दान विलेख (गिफ्ट डीड) में स्टांप शुल्क अब अधिकतम ₹5,000 तक सीमित।
  • QR कोड आधारित डिजिटल रजिस्ट्रेशन की शुरुआत से पारदर्शिता और प्रक्रिया में तीव्रता आई है।

✅ निष्कर्ष

लखनऊ की नई सर्किल रेट्स शहर की विकास गाथा को दर्शाती हैं। यदि आप प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो इन बदली हुई दरों की जानकारी रखना जरूरी है। विशेष रूप से मेट्रो, आउटर रिंग रोड, और एक्सप्रेसवे के समीप स्थित संपत्तियों पर असर सबसे अधिक पड़ा है।

📌 सलाह

रजिस्ट्रेशन से पूर्व संबंधित उप-जिलाधिकारी (SDM) कार्यालय या रजिस्ट्रेशन विभाग से सटीक सर्किल रेट जानकारी अवश्य लें।